आप ही ने दिया जीने का जतन।।
यह पावन पर्व मुबारक हो।
भविष्य संवारक आप हो ।।
कर्म पथ दिखाने वाले,
सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले।
शिष्य का अभिवादन स्वीकार करें।
नई पीढ़ी को सच्चा ज्ञान देकर
वतन पर आभार करें ।
आप ज्ञान की बयार हैं।
कलम जिनका हथियार है।।
शिक्षक को परिभाषित करना ,
इतना आसान नहीं है।
राही बने उस राह के जो दिखाया आपने,
इससे बड़ा कोई अरमान नहीं है।।
नवकलियों में ज्ञान रस भर दिया आपने।
हम अबोध बालकों को,
जीवन जीने की कला सिखा दिया आपने।।
---कुमार देवेंद्र
