में आपका स्वागत है। नमस्ते ✍️यह ब्लॉग कविताओं, लेख एवं विभिन्न प्रकार के सुविचारों से समाहित है। मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है की यह मेरा ब्लॉग लोगों की जागरूकता एवं उज्जवल भविष्य के लिए उचित सिद्ध होगा।

कुमार देवेंद्र

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रविवार, 27 सितंबर 2020

अमूल्य सहयोग

मेहरबानियांँ आपकी।
कदरदानियां आपकी।
दरोमदार बना दिया मुझे, 
किस काबिल था उस दिन मैं ?
जीवन पथ पर चला दिया मुझे।
आपके विचारों को लेकर धैर्यवान बन गया हूं मैं।
एक दिन  आपको भी गर्व होगा ।
जब माथे पर विजय तिलक लगा होगा ।।
क्या हैसियत थी उस रोज मेरी?
जब मुझे सहारा मिला आपका,
कौन कहता है मैं दूर हूंँ? 
कैसे कहूं कि मैं कितना करीब हूँ!
लोग उंगली पकड़कर चलाना  सिखाते आए हैं।
मेरे सर पर तो आपने पूरा हाथ रख दिया।
आपके गुणधर्म को पाया।
यह मेरा सौभाग्य है ।
आपका सानिध्य पाकर हुनर में माहिर हो गया हूंँ। 
आज कुछ सदकार्यों के लिए जाहिर हो गया हूँ।  
विफलता ही सफलता के पट खोलती है।
यह आपने बताया मुझे,
अनुसरण करूंगा उस पथ का !
जो आप ने दिखाया मुझे।
मैं मेरी व्याकुलता समझकर, संवेदना पारख कर , जिज्ञासा पूर्ण कर।।
वाणी में मधुरता भर दिया आपने। 
जीवन के कटु सत्यता एहसास करा दिया।
ममता, करुणा, धैर्य, त्याग से भरा प्यार आपका प्यार। 
आपसे दूर कैसा मेरा संसार।
याद आती है आपकी बारंबार।।
                                            कुमार देवेंद्र 
                                         'सितार-ए-हिंद'

शनिवार, 5 सितंबर 2020

Poem on occasion of Teacher's Day


राष्ट्र निर्माताओं को शत शत नमन।
आप ही ने दिया जीने का जतन।।
यह पावन पर्व मुबारक हो।
भविष्य संवारक आप हो ।।
कर्म पथ दिखाने वाले,
 सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले।
 शिष्य का अभिवादन स्वीकार करें।
नई पीढ़ी को सच्चा ज्ञान देकर 
वतन पर आभार करें ।
आप ज्ञान की बयार हैं।
 कलम जिनका हथियार है।।
 शिक्षक को परिभाषित करना ,
इतना आसान नहीं है।
राही बने उस राह के जो दिखाया आपने,
 इससे बड़ा कोई अरमान नहीं है।।
नवकलियों में ज्ञान रस भर दिया आपने।
हम अबोध बालकों को,
 जीवन जीने की कला सिखा दिया आपने।।
    
      ---कुमार देवेंद्र