आधी जिंदगी गुजार दी सो - सो कर।
तो गुजरेगी आधी रो-रोकर।।
जीना है हमें हंँस-हंँसकर।
हर पल मुस्कान रहे चेहरे पर,
मेरा लक्ष्य मुझे पागल बनाता है।
आज मुंतशिर पड़ा हूंँ।
फिर भी पैरों पर खड़ा हूंँ।।
जहान में जितनी मुसीबतें नहीं।
लड़ने की उतनी आदतें हैं।।
मंजिलें बनी है तो रास्ते भी होंगें।
गलतियां होंगी ,तो सुधार भी होंगे।।