इंसान को वक्त कितना कुछ सिखा गया?
जब सर पर मजबूरियाँ पड़ी,
तो कहाँ से कहाँ आ गया।
रहमत है खुदा की मुझ पर।
तभी तो हूँ फर्श से अर्श पर।।
जीवन की राहों में कितनी मोड़ है ।
सबको मंजिल पाने की होड़ है।।
अमूल्य समय देता पैगाम।
हासिल कर लो सही वक्त पर मुकाम ।।